सरकारी कर्मचारियों के लिए जल्द ही एक अच्छी खबर सामने आ सकती है। केंद्र सरकार 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर मंथन कर रही है, और माना जा रहा है कि इसके लागू होने पर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी, HRA और अन्य भत्तों में जोरदार इजाफा देखने को मिलेगा।

क्या है 8वां वेतन आयोग?
भारत में हर 10 साल में एक नया वेतन आयोग लागू किया जाता है, जिसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों के वेतन को महंगाई और वर्तमान आर्थिक स्थितियों के अनुसार संतुलित करना होता है। 7वें वेतन आयोग के बाद अब अगला कदम 8वें वेतन आयोग की ओर बढ़ रहा है, जो लगभग 1 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनधारकों को प्रभावित करेगा।
HRA में होगा बड़ा बदलाव
हर बार जब नया वेतन आयोग लागू होता है, HRA यानी मकान किराया भत्ता (House Rent Allowance) की दरों की भी समीक्षा की जाती है। अभी की बात करें तो X शहरों में HRA की दर 27%, Y शहरों में 18%, और Z शहरों में 9% है। लेकिन 8वें वेतन आयोग के बाद यह दरें बढ़कर क्रमशः 30%, 20%, और 10% तक हो सकती हैं।
फिटमेंट फैक्टर में हो सकता है बड़ा उछाल

जानकारों की मानें तो इस बार फिटमेंट फैक्टर को 1.92 तक बढ़ाने की संभावना है। इसका मतलब है कि यदि किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी ₹30,000 है, तो 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद उसकी सैलरी बढ़कर ₹57,600 हो सकती है।
महंगाई भत्ता (DA) का भी होगा असर
महंगाई भत्ता यानी Dearness Allowance को भी नए वेतन आयोग में जोड़कर देखा जा रहा है। जैसे ही DA 50% के पार जाएगा, HRA दरें भी स्वतः संशोधित हो सकती हैं। सरकार ने पहले भी DA के स्तर पर HRA की दरें बढ़ाई हैं।
शहरों की श्रेणी में बदलाव का असर
सरकार समय-समय पर X, Y और Z कैटेगरी वाले शहरों की सूची में बदलाव करती है। अगर किसी शहर को नई श्रेणी में रखा गया, तो वहां काम कर रहे कर्मचारियों के HRA में भी फर्क आएगा।

कब लागू हो सकता है 8वां वेतन आयोग?
हालांकि अभी सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि 2026 के आरंभ में यह आयोग लागू किया जा सकता है। इससे पहले तैयारियों और समीक्षाओं का दौर चलेगा।
8वें वेतन आयोग की खबरें लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत की सांस लेकर आई हैं। यदि फिटमेंट फैक्टर और HRA की दरों में वाकई इतना इजाफा होता है, तो यह कर्मचारियों की जेब में सीधी बढ़ोतरी लेकर आएगा। अब सभी की निगाहें सरकार की अगली घोषणा पर टिकी हैं।